अपने-अपने मुद्दों को लेकर सवर्ण आर्मी और भीम आर्मी आमने-सामने

The SAWARN ARMY and the BHIM ARMY are at loggerheads over their respective issues.

The controversy started with the announcement of burning the effigy of Dr. Ambedkar after burning the Manu Smriti.

मनु स्मृति जलाने के बाद डॉ. आंबेडकर का पुतला दहन के एलान से शुरू हुआ विवाद


भोपाल। हाल ही में अनुसूचित जाति के संगठन ने मनु स्मृति को जलाया, इसके बाद सवर्ण आर्मी ने डॉ. आंबेडकर का पुतला दहन करने का एलान कर दिया। शुक्रवार की शाम ग्वालियर में सवर्ण आर्मी के प्रदेश सचिव ने पुतला दहन करने का प्रयास कर नारेबाजी की।इसके बाद पुलिस ने संबंधित की गिरफ्तारी कर प्रकरण दर्ज किया।

अब इस मामले में भीम आर्मी प्रमुख एवं सांसद चंद्रशेखर रावण ने चेतावनी दी है। फेसबुक पर डाली गई पोस्ट के माध्यम से भीम आर्मी प्रमुख का कहना है कि ग्वालियर में भारतीय संविधान के निर्माता, आधुनिक भारत के शिल्पकार, शोषित-वंचितों, दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं के मुक्तिदाता, ज्ञान व चेतना के प्रतीक, विश्व-रत्न परम पूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर  के पुतले को जलाने का प्रयास और उनके विरुद्ध की गई आपत्तिजनक नारेबाज़ी सिर्फ़ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय को खुलेआम चुनौती देने का घिनौना षड्यंत्र है।

यह कृत्य उन नफरती और संविधान-विरोधी ताक़तों की पहचान उजागर करता है, जो आज भी बराबरी, भाईचारे और न्याय से डरती हैं। बाबा साहेब का अपमान दरअसल उन करोड़ों लोगों के आत्मसम्मान पर हमला है, जिन्हें संविधान ने इंसान की तरह जीने का हक़ दिया। यह देश की शांति भंग करने और समाज को बांटने की सुनियोजित कोशिश है। हम मध्यप्रदेश सरकार से से कठोर शब्दों में मांग करते हैं, कि दोषी पर एनएसए की धाराओं में मुक़दमा दर्ज हो, इस कृत्य के पीछे मौजूद सािजश और संरक्षण की भी जांच हो, भविष्य में परम पूज्य बाबा साहेब और संविधान के अपमान की किसी भी कोशिश पर शून्य सहनशीलता दिखाई जाए।

फेसबुक पर माजूद पोस्ट में यह भी चेतावदी दी गई है कि यदि अगले 72 घंटों के भीतर हमारी मांगे पूरी नहीं हुई तो 1 जनवरी को ग्वालियर पहुंचकर बाबा साहेब और संविधान के सम्मान में शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक लेकिन निर्णायक जन-आंदोलन किया जाएगा। किसी भी अव्यवस्था की पूरी ज़िम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

इसके जवाब में सवर्ण आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. विकास दुबे ने बयान जारी कर कहा है कि अगर एकपक्षीय कार्रवाई हुई तो संपूर्ण सवर्ण समाज एकत्रित होकर समाज विरोधी तत्वों को मुंहतोड़ जवाब देगा। डॉ. दुबे का कहना है कि मनु स्मृति जलाने के बाद प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। जबकि भीमराव आंबेडकर का पुतला दहन करने पर युवक को गिरफ्तार कर लिया गया। अब भीम आर्मी का प्रमुख चंद्रशेखर रावण सरेआम चेतावनी दे रहा है कि एक जनवरी तक सवर्ण आर्मी प्रदेश सचिव पर रासुका की कार्रवाई की जाए। उपद्रव करने वाले इन तत्वों पर शासन-प्रशासन पर कार्रवाई करे। अन्यथा, सवर्ण आर्मी सहित सभी सवर्ण संगठन सड़कों पर उतरेंगे। डॉ. दुबे ने यह भी कहा कि देश के संविधान के प्रति हमारी आस्था अक्षुण्ण है। संविधान देश का आधार है, जबकि मनु स्मृति हमारी आस्था का आधार है। मनु स्मृति का अपमान सहन नहीं किया जाएगा।

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