धरना प्रदर्शन में पुरुष और महिला अभ्यर्थी दोनों शामिल
इंदौर। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं को लेकर एनईवाययू (नेशनल एजुकेशन यूथ यूनियन) की न्याय यात्रा 2.0 शनिवार से शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि इसके लिए हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ एनईवाययू से मंजूरी मिल गई है। यह यात्रा 10 सूत्रीय मांगों को लेकर निकाली जा रही है। धरना-प्रदर्शन में कोचिंग संस्थान-लाइब्रेरी सहित अन्य स्टूडेंट शांति के साथ शामिल होंगे। यह धरना अगले तीन दिन तक और जारी रहेगा।
एमपीपीएससी मुख्यालय के बाहर हो रहे प्रदर्शन में शामिल महिला एवं पुरुष अभ्यर्थियों ने आयोग परिसर के बाहर ही ठिकाना बना लिया है। ठंड से बचाव के लिए अलाव भी जलाए। उल्लेखनीय है कि बीते वर्ष भी पीएससी अभ्यर्थियों ने आंदोलन किया था। यह आंदोलन भी एक सप्ताह तक जारी रहा और तत्कालीन समय प्रशासन ने मांगे मानने का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया था। एनईवाययू के संयोजक राधे जाट के अनुसार न्याय यात्रा 2.0 के लिए हाईकोर्ट से मंजूरी मिल गई है। दरअसल, पिछली बार हुए प्रदर्शन के दौरान जो मांगें मानने का आश्वासन दिया गया था, उनमें से सिर्फ दो ही लागू हो सकीं, बाकी की अभी भी लंबित हैं।
ये मांगें हैं लंबित हैं
-राज्य सेवा सहित कुछ अन्य परीक्षाओं में निगेटिव मार्किंग होगी।
-राज्य सेवा परीक्षा का इंटरव्यू 185 अंक का है, इसे घटाकर 100 अंक का करने की मांग की जा रही है।